बजट 2018: पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए टैक्स की दरों में होगी कटौती

नई दिल्ली । देश में पर्यटन को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिए करों में राहत जरूरी है। बजट से पहले पर्यटन उद्योग ने सरकार से यह अपील की है। वित्त वर्ष 2018-19 के लिए आम बजट एक फरवरी को आएगा।

उद्योग जगत का कहना है कि रोजगार सृजन और समावेशी विकास के लिहाज से पर्यटन महत्वपूर्ण सेक्टर है। अनुकूल नीतियां व बेहतर माहौल इस सेक्टर को गति दे सकते हैं। मेक माय टिप के संस्थापक व ग्लोबल सीईओ दीप कालरा ने कहा, ‘थाइलैंड, मलेशिया और सिंगापुर जैसे देशों से प्रतिस्पर्धा के लिए भारत में भी सस्ती दरों पर सेवाएं देने की जरूरत है।’ इन देशों में हॉस्पिटेलिटी सेक्टर की कम दरों ने इन्हें बड़े पर्यटन केंद्रों के रूप में पहचान दी है। खर्च के लिहाज से भारत पर्यटकों की पसंद नहीं बन पाता है। कालरा ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर में भी सुधार की जरूरत पर बल दिया।

कॉक्स एंड किंग्स ग्रुप के सीईओ पीटर करकर ने इस तरह की बात कही। कहा कि 2,500 से 7,500 रुपये तक के होटल के कमरों पर जीएसटी की दर को 18 फीसद से कम किया जाना चाहिए। पीटर ने कहा कि पर्यटकों से केवल देश के अंदर मिलने वाली सेवाओं के लिए कर लिया जाना चाहिए। बाहर की सेवाओं पर उन्हें कर में छूट दी जानी चाहिए।इस बीच, एफएमसीजी कंपनियों ने बजट में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र पर जोर देने की अपील की है। उद्योग जगत का कहना है कि कृषि उत्पादों का उचित मूल्य दिलाने व ग्रामीण भारत की आय बढ़ाने में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग महत्वपूर्ण होगा। गोदरेज एप्लायंसेज, पैनासोनिक, फिलिप्स लाइटिंग व इंटेक्स ने भी करों में कटौती व घरेलू मैन्यूफैक्चरिंग को प्रोत्साहन देने की की है।

Loading...