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नीरव मोदी, पत्नी, भाई सहित 64 लोगों की संपत्ति हो सकती है अटैच

पंजाब नेशनल बैंक के 11,300 करोड़ के घोटाले को लेकर सरकार नीरव मोदी सहित सभी 64 प्रतिवादियों की सभी संपत्ति अटैच करना चाहती है. इनमें नीरव मोदी, उनकी पत्नी एमी मोदी, भाई निशाल मोदी और मामा मेहुल चोकसी भी शामिल हैं. सरकार इसके लिए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल पहुंच गई है. आइए जानते हैं पूरा मामला विस्तार से…

 

टीओआई में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने कंपनी एक्ट के सेक्शन 221 और 222 के तहत नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में याचिका दायर करते हुए सभी 64 प्रतिवादियों के सभी संपत्ति को फ्रीज करने की मांग की है. इनमें आरोपियों के परिवार के लोगों के साथ-साथ जुड़ी हुई कंपनियों और उनके ट्रस्ट के नाम भी शामिल हैं. इस मामले में अगली सुनवाई 27 फरवरी को होगी.

फिलहाल सरकारी एजेंसियां आरोपियों के ठिकानों से ज्वेलरी, कारें और अन्य सामान जब्त कर रही हैं. अगर नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में सरकार के पक्ष में फैसला आता है तो मामले से जुड़े लोग अपनी संपत्तियों का ऑनरशिप किसी अन्य को ट्रांसफर नहीं कर पाएंगे.

लॉ ट्रिब्यूनल में कॉरपोरेट मंत्रालय की ओर से ज्वाइंट लीगल डायरेक्टर ने बीएसवी प्रकाश कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने याचिका दायर की है. कानून के जानकारों का कहना है कि सरकार के पास ये विकल्प था कि वह इन कंपनियों का अधिग्रहण कर लेती, लेकिन अगर कंपनी ठीक तरीके से काम नहीं कर पातीं तो इससे सरकार की लाइबलिटी ही बढ़ती.

इससे पहले नीरव मोदी के बचाव में वकील विजय अग्रवाल ने कहा था कि उन्हें गलत तरीके से पेश किया जा रहा है, वह अभी बिजनेस के सिलसिले में देश से बाहर गए हैं. अग्रवाल ने कहा कि इस मामले का अभी तक मीडिया ट्रायल ही चल रहा है.

वकील ने मामले में चल रही अभी तक की जांच को गलत बताया था और कहा था कि जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं चल रही है. जैसा कि मीडिया में दिखाया जा रहा है कि अभी तक ईडी ने 5600 करोड़ रुपए जब्त कर लिए हैं, यानी उतनी रकम तो वापिस मिल गई है. तो ये पैसे पीएनबी को क्यों नहीं दिए जाते हैं.

इससे पहले आरोपी नीरव मोदी ने भी अपना पक्ष रखा था. नीरव मोदी ने पंजाब नेशनल बैंक प्रबंधन को इस संबंध में एक चिट्ठी लिखी. इस चिट्ठी में नीरव ने कहा कि बैंक ने ये मामला सार्वजनिक कर बकाया वापसी के सभी रास्ते बंद कर दिए हैं.

उधर, मामले में आरोपी और हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी ने अपने कर्मचारियों को पत्र लिखा है. 23 फरवरी को लिखे गए इस पत्र में चोकसी ने कहा कि मुझ पर झूठे आरोप लगाकर भय और अन्याय का माहौल बनाया गया. साथ ही उसने अपने कर्मचारियों के बकाया राशि को चुकाने में असमर्थता जताई है.

चोकसी ने अपने कर्मचारियों के लिए लिखे गए इस पत्र में कहा है कि उनके खिलाफ भय और अन्याय का माहौल बनाया गया. साथ ही उसने दावा किया कि उसके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं. जांच और सरकारी एजेंसियों ने काम को रोकने के लिए नरक जैसा माहौल पैदा किया. ऐसे में मुझे अपनी बेगुनाही साबित करने में समय लगेगा.

उसने पत्र में अपने कर्मचारियों को लिखा कि भारत में मेरे सभी काम ठप पड़ गए हैं. आपके पास सुनहरा भविष्य है. ऐसे में अनिश्चित भविष्य के लिए मेरी तरफ से आपको प्रतीक्षा की कतार में रखना गलत होगा. मैं भाग्य का सामना करूंगा, मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है, सच्चाई सामने आएगी.

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