रूस ने यूक्रेन के हवाई अड्डों पर किया हमला , अमेरिका को दी दूर रहने की सलाह

दुनिया को जिस बात की आंशका थी, वही हुआ। रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया है। पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसकी घोषणा की। बाद में यूक्रेन के एक मंत्री ने हमले की पुष्टि की है।
वहीं, पुतिन ने इस पूरे प्रकरण से अमेरिका को दूर रहने की सलाह दी है। ऐसे नहीं करने पर अंजाम भुगतने की भी चेतावनी दी है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन पूरे प्रकरण पर नजर बनाए हुए हैं। एक बयान में उन्होंने कहा कि यूएस और सहयोगी देश मिलकर रूस के खिलाफ और भी प्रतिबंध लगाएंगे।
रूस के सैन्य हमले शुरू करने पर, यूक्रेन के राष्ट्रपति ने देश में ‘मार्शल लॉ’ की घोषणा की और नागरिकों से नहीं घबराने का आग्रह किया। रूस की सेना ने कहा है कि उसने यूक्रेन के हवाई अड्डों और अन्य सैन्य संपत्तियों को निशाना बनाया है। आबादी वाले क्षेत्रों को टारगेट नहीं किया है। आपको बता दें कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सैन्य अभियान शुरू करने की घोषणा के बीच यूक्रेन के ओडेसा और खारकीव शहर में धमाके की आवाजें सुनाई दीं।
संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन के राजदूत सर्गिय किस्लित्सिया ने सुरक्षा परिषद को बताया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी है। उन्होंने अपने रूसी समकक्ष पर यह कहने के लिए भी दबाव डाला कि रूस यूक्रेन के शहरों पर गोलाबारी और बमबारी नहीं करेगा।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को यूक्रेन में सैन्य अभियान की घोषणा की, साथ ही दावा किया कि इसका मकसद नागरिकों की रक्षा करना है। पुतिन ने टेलीविजन पर एक संबोधन में कहा कि यूक्रेन द्वारा पेश किए जा रहे खतरों के जवाब में यह कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि रूस का लक्ष्य यूक्रेन पर कब्जा करना नहीं है और खून-खराबे के लिए यूक्रेन का शासन जिम्मेदार होगा।
. पुतिन ने अन्य देशों को आगाह किया कि रूसी कार्रवाई में किसी प्रकार के हस्तक्षेप के प्रयास के ऐसे परिणाम होंगे, जो उन्होंने पहले कभी नहीं देखे होंगे। उन्होंने अमेरिका और उसके सहयोगियों पर यूक्रेन को उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) में शामिल होने से रोकने और मॉस्को को सुरक्षा गारंटी देने की रूस की मांग की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया।