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बारिश से किसान खुश, नैनी झील पर जुटे सैलानी, कश्मीर से केदारनाथ तक बर्फबारी

उत्तर भारत में ठंड फिर से लौट आई है. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में मंगलवार को बर्फबारी हुई. आसमान से इतनी बर्फ गिरी कि हर तरफ बर्फ की सफेद चादर बिछ गई. वहीं नैनीताल में मौसम का पहला हिमपात हुआ. बर्फबारी के चलते नैनी झील पर सैलानी जुटे. बर्फ की वजह से सड़कों पर फिसलन हुई तो लोगों को चलने में मुश्किल का सामना भी करना पड़ाबारिश से किसान खुश, नैनी झील पर जुटे सैलानी, कश्मीर से केदारनाथ तक बर्फबारी 

मौसम विभाग के मुताबिक, कश्मीर घाटी में बर्फबारी या बारिश का अनुमान जताया है. कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों में मौसम पहले से सर्द है. हालात ऐसे हैं कि यहां पानी पाइप के भीतर जम गया.
बर्फबारी से सूखे की मार झेल रहे किसानों और बागवानों को भी राहत मिलेगी. सूखे की वजह से सेव पर बुरा असर पड़ रहा था. वहीं बर्फबारी ने होटल कारोबारियों के चेहरे पर भी रौनक ला दी है.
वहीं पहाड़ों की रानी शिमला में इस बर्फबारी का अरसे से इंतजार था. सूखे के लंबे दौर के बाद मंगलवार को जब मौसम ने अंगड़ाई ली तो शिमला की वादियों में बहार आ गई. हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला और आस पास के इलाकों सिरमौर, सोलन और लाहौल तथा स्पीति में बर्फबारी हुई. कश्मीर के करगिल में तापमान शून्य से 19.2 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा.

 

शिमला में दिसंबर से अब तक बारिश या बर्फबारी नहीं हुई थी, जिससे ये आशंका पैदा हुई थी कि कहीं जनवरी का पूरा महीना सूखा ही ना निकल जाए. लेकिन मौसम विभाग शिमला समेत कुफरी, फागु, नारकंडा , खड़ा पत्थर समेत ज्यादातर इलाकों में अच्छी बर्फ़बारी हुई है. मंगलवार को शिमला में 5 से 6 सेंटीमीटर तक बर्फबारी दर्ज हुई.

लेह में पारा शून्य से 14 डिग्री सेल्सियस कम रहा. श्रीनगर में शून्य से 3.7 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान दर्ज किया गया.
बुधवार सुबह केदारनाथ धाम में भी भारी बर्फबारी हुई.
 

माता वैष्णो देवी की त्रिकुटा पहाड़ी पर इस सीजन की पहली बर्फबारी हुई लेकिन यहां श्रद्धालुओं की तीर्थयात्रा जारी है.  श्राइन बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि त्रिकुटा पहाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में कुछ सेंटीमीटर बर्फबारी हुई. यह सीजन की पहली बर्फबारी थी. उन्होंने बताया कि हिमपात के बावजूद 14000 से अधिक श्रद्धालु माता वैष्णोदेवी के दर्शन के लिए पवित्र गुफा जाने की राह में हैं. इतनी ठंड के बाद भी तीर्थयात्रियों में गजब का उत्साह था और वे मंत्रोच्चार करते हुए आधारशिविर कटरा से भवन की ओर बढ़ रहे थे.

 

वहीं मैदानी इलाकों में बारिश और कोहरे के चलते यातायात प्रभावित हुआ. आसमान में बादल छाए रहने से तापमान तेजी से गिरा. राष्ट्रीय राजधानी में हल्की बारिश और कोहरे के कारण मौसम ठंडा बना रहा. मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि शहर का न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. अधिकतम तापमान 17 डिग्री रहा.

 
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