Wednesday , September 28 2022

टीसीएस में 85 फीसदी नौकरियां घटीं

बेंगलुरु : कभी नौकरी पैदा करने वाली मशीन समझी जाने वाली आईटी कम्पनी टीसीएस अब इस मामले में पिछड़ती जा रही है.कंपनी इस वित्त वर्ष के शुरुआती नौ महीनों में सिर्फ 3,657 नई नौकरियां ही दे पाई,जो गत वर्ष की 24,654 की तुलना में 85 फीसदी कम है.

उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार कैंपसों से थोक में नई नौकरियां देना अब बीते दिनों की बात बनती जा रही है. कंपनियां खासकर नए युग की डिजिटल तकनीक के दौर में सामान्य कार्यों के लिए ऑटोमेशन लागू कर प्रमुख रूप से उच्च स्तरीय प्रतिभा को ही नौकरी पर रख रही हैं.

टीसीएस के कार्यकारी उपाध्यक्ष और मानव संसाधन के वैश्विक प्रमुख अजय मुखर्जी ने कहा कि पिछले साल हमने अपने वर्कफोर्स में 78,912 लोगों को जोड़ा और33,000 से 34,000 अतिरिक्त नौकरियां दीं.अब हमारा ध्यान समय पर हायरिंग करने पर है.

एक अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार नवंबर महीने में वित्त वर्ष के पहले छह महीनों में टॉप छह भारतीय आईटी कंपनियों का वर्कफोर्स 13,402 घट गया जबकि पिछले साल की इसी अवधि में 60,240 अतिरिक्त वर्कफोर्स जुड़े थे. कंपनियों की ग्रोथ में मंदी इसकी बड़ी वजह बताई जा रही है.  इसका प्रमुख कारण नोटबंदी के बाद बाजार में आई गिरावट के बाद जीएसटी को लागू करना माना जा रहा है.

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