Tuesday , September 27 2022

आईआईपी ग्रोथ 8.4 फीसदी बढ़ी

उद्योगों ने एक बार फिर गति पकड़ ली है. पिछले नवंबर माह के औद्योगिक उत्पादन यानी आईआईपी ग्रोथ के आंकड़ों को देखकर यही लग रहा है. नवंबर में आईआईपी ग्रोथ बढ़कर 8.4 फीसदी रही है. जबकि अक्टूबर में आईआईपी ग्रोथ 2.2 फीसदी रही थी.इसका यही आशय है कि देश की आर्थिक गतिविधियां सुधर रही है. ऐसे में कंपनियों को ज्यादा ऑर्डर मिलेंगे. इससे उनकी आय बढ़ेगी. आय बढ़ने से मुनाफे में भी वृद्धि होगी .

बता दें कि महीने दर महीने आधार पर नवंबर में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ 2.5 फीसदी से बढ़कर 10.2 फीसदी रही,वहीँ नवंबर में माइनिंग सेक्टर की ग्रोथ 0.2 फीसदी से बढ़कर 1.1 फीसदी रही है. महीने दर महीने आधार पर नवंबर में इलेक्ट्रिसिटी सेक्टर की ग्रोथ 3.2 फीसदी से बढ़कर 3.9 फीसदी रही. जबकि नवंबर में कैपिटल गुड्स की ग्रोथ 6.8 फीसदी से बढ़कर 9.4 फीसदी रही है. 

उल्लेखनीय है कि औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) का किसी भी देश की अर्थव्यवस्था में खास महत्व होता है. इससे पता चलता है कि उस देश की अर्थव्यवस्था में औद्योगिक (इंडस्ट्री) गतिविधियां किस गति से बढ़ रही है. आईआईपी में शामिल इंडस्ट्रीज को तीन प्रमुख समूहों में बांटा गया है मैन्यूफैक्चरिंग, माइनिंग और इलेक्ट्रिसिटी. आईआईपी ग्रोथ से मोदी सरकार को राहत मिली है.

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