अभी अभी : जन धन खाताधारकों को बैंकों से मिली बड़ी राहत, होंगे ये फायदे…

SBI समेत देश भर के प्रमुख बैंकों ने खाताधारकों को अपने खाते में मिनिमम बैलेंस रखने का आदेश जारी किया था। इस आदेश के बाद से शहरों के हिसाब से खाते में हर महीने मिनिमम बैलेंस रखना अनिवार्य कर दिया गया, जिसके न करने पर खाते से पैसा कटने लगा है। 
बैंकों में प्रत्येक खाताधारकों को नहीं रखना होता है बैलेंस
हालांकि बैंकों ने पहले यह नियम सभी तरह के सेविंग खाताधारकों पर लागू किया था, लेकिन अब इसमें कुछ विशेष तरह के खातों को इस नियम से ढील दे दी है। इतना रखना होता था मिनिमम बैलेंस
बैंकों के नियमों के अनुसार, मेट्रो शहरों के खाताधारकों को 3 हजार रुपये, बड़े टियर टू शहरों में भी 3 हजार रुपये, छोटे शहरों में 2 हजार रुपये और गांव-देहात में 1000 रुपये खाते में रखना अनिवार्य है। पहले मेट्रो शहरों में यह सीमा 5 हजार रुपये थी, जिसको एसबीआई ने घटा दिया था। 

एसबीआई ने दी यह राहत
अब देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने जनधन खाता, सैलरी अकाउंट, स्टूडेंट अकाउंट, स्टाफ अकाउंट को मिनिमम बैलेंस रखने की अनिवार्यता खत्म कर दी है। इसके साथ पेंशन खाताधारकों, सरकार की किसी स्कीम के तहत खोले गए अकाउंट्स और 18 साल से कम उम्र के बच्चों के खोले गए अकाउंट को भी इससे बाहर रखा गया है। 

बैंक ने घटा दी है पेनाल्टी 
बैंक ने अब मिनिमम बैलेंस न रखने पर लगाई जाने वाली पेनाल्टी को भी घटा दिया है। अब छोटे शहरों और गांव-देहात में खोले गए अकाउंट में 20 से लेकर के 40 रुपये कटते हैं। अर्बन और मेट्रो शहरों में यह पेनाल्टी 30 से 50 रुपये है। 

 
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