राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा फैसला, हजारों भारतीयों को मिल सकती है अमेरिकी नागरिकता

बचपन में बिना दस्तावेज अवैध ढंग से अमेरिका पहुंचे 7,000 भारतीय युवाओं की अमेरिकी नागरिकता का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है। डीएसीए कार्यक्रम के तहत ‘ड्रीमर्स’ कहे जाने वाले ऐसे युवाओं के लिए राष्ट्रपति ट्रंप ने पहली बार संकेत दिए कि वह उनके लिए नागरिकता का रास्ता 10-12 साल में खोलने जा रहे हैं। ट्रंप का यह बयान द्विदलीय समझौते के खारिज होने के ठीक एक दिन बाद आया है, लेकिन इसके लिए ट्रंप ने मैक्सिको सीमा पर दीवार के लिए अमेरिकी संसद में अरबों डॉलर की जरूरत पूरी करने की शर्त भी रखी। 

ट्रंप ने रखी मैक्सिको सीमा पर दीवार निर्माण के लिए अरबों डॉलर का अनुदान पारित कराने की शर्त

ट्रंप ने कहा कि यदि उन्हें मैक्सिको से लगने वाली दीवार बनाने के लिए कांग्रेस से अनुदान की मंजूरी मिलती है तो वे बिना दस्तावेज अमेरिका में रहने वाले प्रवासियों को नागरिकता का रास्ता देने के लिए तैयार हैं। अमेरिका में सात हजार भारतीयों के अलावा करीब 6 लाख 90 हजार अन्य देशों के ‘ड्रीमर्स’ हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावोस में विश्व आर्थिक मंच के लिए रवाना होने से पहले व्हाइट हाउस में कहा कि ‘ड्रीमर्स’ को कहिए कि उन्हें चिंता की कोई जरूरत नहीं है। ट्रंप ने इस राहत को प्रवासियों की कड़ी मेहनत के लिए ‘प्रोत्साहन’ करार दिया। 

यद्यपि एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने कहा कि इस मामले में फिलहाल कोई अंतिम फैसला नहीं हो पाया है। लेकिन विपक्षी डेमोक्रेट और सत्ताधारी रिपब्लिकन के बीच शटडाउन खत्म करने के लिए छह फरवरी तक अल्पावधि वित्तपोषण बढ़ाने पर सहमति बनी थी, जिसमें आव्रजन ढांचे को लागू करने की बात कही गई थी। इसी के तहत डीएसीए के स्थायी समाधान पर भी जोर दिया गया। ट्रंप को मैक्सिको सीमा पर दीवार बनाने के लिए 20 अरब डॉलर की जरूरत है और इसके लिए अनुदान को मंजूरी मिलते ही ड्रीमर्स पर समझौता हो जाएगा।

दीवार नहीं तो डीएसीए नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ‘यदि दीवार नहीं तो डीएसीए नहीं।’ ट्रंप ने कहा, ‘हम संभवत: 800 मील लंबी दीवार की बात कर रहे हैं. यह दीवार निवेश पर सबसे अच्छा लाभ साबित होगी।’ उन्होंने कहा कि इससे अरबों डॉलर की बचत होगी। 
 
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