मंत्रीजी ने गोष्ठी के मंच से नोटबंदी पर तो टिप्पणी की लेकिन जीएसटी पर उन्होंने कहा कि इसे मैं खुद ही नहीं समझ पा रहा हूं, तो इस संबंध में नहीं बोलूंगा. हालांकि उन्होंने कहा कि सब समझ समझ का ही खेल है. धीरे धीरे जब सब समझ जाएंगे तो बहुत सुकून मिलेगा, अच्छा लगेगा.

बता दें कि गुजरात और हिमाचल चुनाव में विरोधी दल कांग्रेस केंद्र पर सबसे ज्यादा हमले जीएसटी को लेकर ही कर रहा है. नोटबंदी के एक साल होने पर जहां विपक्ष ने इसे काले दिवस के रूप में मनाया और लोगों को जीएसटी-नोटबंदी की खामियां गिनाईं वहीं सत्ताधारी पार्टी बीजेपी ने इसे काला धन विरोध दिवस के रूप में मनाया.

 

 

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#WATCH: Madhya Pradesh Minister Om Prakash Dhurve says he has not been able to understand #GST yet (November 8th)

 

नोटबंदी के बाद लिए गए जीएसटी के फैसले के खिलाफ व्यापारी लगातार मुखर हो रहे हैं. जीएसटी काउंसिल की शुक्रवार को बैठक हो रही है जिसमें कई वस्तुओं पर टैक्स कटौती की घोषणा हो सकती है. वहीं, 28 फीसदी टैक्स स्लैब में शामिल दैनिक इस्तेमाल की वस्तुओं, प्लास्टिक प्रॉडक्ट्स और हाथ से बने फर्नीचर पर उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है.

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स (GST) लागू होने के 4 महीने बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली की अगुआई में पैनल समग्र रूप से टैक्स दरों की समीक्षा करेगा. इसके अलावा रिटर्न फाइलिंग को आसान बनाने और छोटे व मध्यम उद्योगों के लिए राहत की घोषणा की जा सकती है.