जानिए कैसे, मोर पंख बना सकता है आपको धनवान

मोरपंख बना सकता है धनवान, रखें इन बातों का ध्यान

हिंदू धर्म में मोर पंख का विशेष महत्व है, भगवान श्रीकृष्ण ने अपने मुकुट पर मोर पंख लगाया। इसके साथ ही स्वर्ग में इन्द्र देव का मोर पंख के सिंहासन पर बैठते हैं। शास्त्रों में बताया गया है कि मोर पंख में सभी देवी-देवताओं और सभी नौ गृहों का वास होता है। वास्तु और ज्योतिष शास्त्रों में भी मोर पंख को अहम स्थान दिया गया है। आइए जानते हैं मोर पंख घर में लगाने से किस तरह आपकी किस्मत रातों रात चमक सकती है…जानिए कैसे, मोर पंख बना सकता है आपको धनवान

मोर पंख घर में लगाएं, सुख-समृद्धि पाएं

वास्तुशास्त्र के अनुसार, मोर पंख घर में ऐसी जगह लगाएं, जहां से वो आसानी से आते-जाते लोगों को देखा जा सके। क्योंकि मोर पंख घर में मौजूद होने से नकारात्मक शक्तियों को नष्ट कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

मोर पंख घर में लगाएं, सुख-समृद्धि पाएं

अगर आपके जीवन में कोई कष्ट अचानक से आ गया है तो बेडरूम के अग्नि कोण में मोर पंख लगाएं। इससे आपको थोड़े ही समय में सकारात्मक असर दिखने लगेगा। साथ ही घर के दक्षिण-पूर्वी कोने में मोर का पंख लगाने से भी घर में बरकत बढ़ती है।

मोर पंख घर में लगाएं, सुख-समृद्धि पाएं

घर में मोर पंख को रखने से शुभता का संचार होता है तथा सुख-समृद्धि और लक्ष्मी कृपा प्राप्त होती है। जो व्यक्ति सदैव अपने पास मोर पंख रखता है उस पर कोई अमंगल नहीं मंडराता।

मोर पंख घर में लगाएं, सुख-समृद्धि पाएं

आप अपनी जेब या डायरी में मोर पंख रखें, इससे राहू दोष भी प्रभावित नहीं करता है। मनचाहा पैसा कमाने के बाद भी अगर पैसा नहीं टिकता तो घर में मोर पंख लगाएं।

मोर पंख घर में लगाएं, सुख-समृद्धि पाएं

अगर आपके बच्चों का मन पढ़ाई में नहीं लगता है तो आप उनके कमरे में मोर पंख लगाएं। सरस्वती माता के उपासक और विद्यार्थी पुस्तकों के बीच मोर पंख रखकर भी लाभ उठा सकते हैं।

ग्रंथों में मोर पंख को दिया अहम स्थान

पौराणिक काल में महर्षियों का मोर पंख की कलम से बड़े-बड़े ग्रंथ लिखना- ये कुछ ऐसे उदाहरण हैं जो मोर पंख की उपयोगिता को बयां करते हैं। समस्त शास्त्रों, ग्रंथों, वास्तु और ज्योतिष शास्त्रों में भी मोर के पंख को अहम स्थान दिया गया है।

मोर के पूजनीय बनने की कहानी

शास्त्रों के अनुसार, संध्या नामक असुर ने स्वर्ग पर भी आधिपत्य कर लिया था, देवताओं को बंदी बना लिया था। तभी भगवान ने असुर को मारने की एक योजना बनाई। योजना के अनुसार सभी देवता और सभी नौ ग्रह एक मोर के पंखों में विराजित हो गए। इसकी वजह से मोर बहुत शक्तिशाली हो गया था। इसके बाद संध्या असुर का वध कर दिया। तभी से मोर को भी पूजनीय और पवित्र माना जाने लगा।
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