नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म पद्मावत पर राज्यों में लगे बैन को हटा दिया है. सुप्रीम कोर्ट आर्टिकल 21 का हवाला दिया और कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार को रोका नहीं जा सकता है. कोर्ट ने साथ ही ये भी कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना राज्यों की जिम्मेदारी है. कोर्ट ने कहा कि फिल्म देखने जाने वाले दर्शकों की सुरक्षा करना भी राज्य की जिम्मेदारी है.

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म पद्मावत पर राज्यों में लगे बैन को हटा दिया है. सुप्रीम कोर्ट आर्टिकल 21 का हवाला दिया और कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार को रोका नहीं जा सकता है. कोर्ट ने साथ ही ये भी कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना राज्यों की जिम्मेदारी है. कोर्ट ने कहा कि फिल्म देखने जाने वाले दर्शकों की सुरक्षा करना भी राज्य की जिम्मेदारी है.    राजस्थान, हरियाणा, गुजरात और मध्य प्रदेश ने कानून और व्यवस्था का हवाला देते हुए फिल्म पर प्रतिबंध लगा दिया था. फिल्म 25 जनवरी को रिलीज होनी है. सेंसर बोर्ड की तरफ से फिल्म को हरी झंडी मिल चुकी है. इसके बावजूद बीजेपी शासित इन चार राज्यों ने फिल्म की रिलीज को हरी झंडी देने से इनकार कर दिया. इसी को देखते हुए फिल्म के प्रोड्यूसर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे.  एक और बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में भी फिल्म के प्रदर्शन पर संशय के बादल छाए हुए थे. सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि अभी इस बारे में (यूपी में फिल्म दिखाए जाने) पर कुछ कहा नहीं जा सकता. इन बड़े राज्यों में फिल्म का प्रदर्शन नहीं होने पर निर्माता को जबरदस्त घाटा होता जिसकी भरपाई करना मुश्किल था.  पहले इस फिल्म का नाम पद्मावती था, लेकिन उत्तर भारत में भारी हंगामे और सरकारों के रुख को देखते हुए इस फिल्म का नाम पद्मावत कर दिया गया. बावजूद इसके करणी सेना सहित कई संगठन फिल्म की रिलीज को लेकर हंगामे की धमकी दे रहे हैं. इसके मद्देनजर इन चार राज्य सरकारों ने कानून व्यवस्था का हवाला देकर फिल्म को दिखाने से इनकार कर दिया था. 

राजस्थान, हरियाणा, गुजरात और मध्य प्रदेश ने कानून और व्यवस्था का हवाला देते हुए फिल्म पर प्रतिबंध लगा दिया था. फिल्म 25 जनवरी को रिलीज होनी है. सेंसर बोर्ड की तरफ से फिल्म को हरी झंडी मिल चुकी है. इसके बावजूद बीजेपी शासित इन चार राज्यों ने फिल्म की रिलीज को हरी झंडी देने से इनकार कर दिया. इसी को देखते हुए फिल्म के प्रोड्यूसर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे.

एक और बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में भी फिल्म के प्रदर्शन पर संशय के बादल छाए हुए थे. सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि अभी इस बारे में (यूपी में फिल्म दिखाए जाने) पर कुछ कहा नहीं जा सकता. इन बड़े राज्यों में फिल्म का प्रदर्शन नहीं होने पर निर्माता को जबरदस्त घाटा होता जिसकी भरपाई करना मुश्किल था.

पहले इस फिल्म का नाम पद्मावती था, लेकिन उत्तर भारत में भारी हंगामे और सरकारों के रुख को देखते हुए इस फिल्म का नाम पद्मावत कर दिया गया. बावजूद इसके करणी सेना सहित कई संगठन फिल्म की रिलीज को लेकर हंगामे की धमकी दे रहे हैं. इसके मद्देनजर इन चार राज्य सरकारों ने कानून व्यवस्था का हवाला देकर फिल्म को दिखाने से इनकार कर दिया था.