Wednesday , January 27 2021

अहम मुद्दों के लिए CJI ने बनाई संवैधानिक पीठ, सीनियर जजों को नही किया शामिल

पिछले तीन दिनों से जारी विवाद के थमने की खबर के बीच सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अहम मामलों की सुनवाई के लिए मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में पांच जजों की संवैधानिक पीठ का गठन किया है। हालांकि, इसमें सुप्रीम कोर्ट के चार सबसे वरिष्ठ जजों जस्टिस जे चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एमबी लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ को शामिल नहीं किया गया है।
आधिकारिक सूचना के अनुसार, पांच सदस्यीय पीठ में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा के अलावा जस्टिस एके सीकरी, जस्टिस एएम खालविलकर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस अशोक भूषण शामिल हैं। यह पीठ 17 जनवरी से आधार कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने, समलैंगिकता पर अपने ही 2013 के फैसले पर पुनर्विचार जैसे महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई करेगी।
इसके अलावा केरल के सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल की महिलाओं के प्रवेश पर रोक, पारसी महिला के दूसरे धर्म के शख्स से शादी करने के बाद धार्मिक पहचान खो देने, अनैतिक संबंधों में सिर्फ पुरुष को ही दोषी ठहराने समेत तीन अन्य मामले भी संविधान पीठ के समक्ष होंगे।  इन न्यायाधीशों वाली पीठ ने पिछले साल 10 अक्तूबर से दिल्ली की केजरीवाल सरकार और केंद्र सरकार के बीच शक्तियों के बंटवारे और पैसिव इच्छामृत्यु से जुड़े मामले सुने थे।   
जस्टिस अरुण मिश्रा की पीठ करेगी जज लोया के मामले की सुनवाई
मंगलवार के लिए सूचीबद्ध मामलों के अनुसार, सीबीआई जज लोया की मौत की जांच को लेकर दाखिल दो पीआईएल की सुनवाई जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ में होगी। सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने अपनी प्रेस कांफ्रेंस में सीजेआई से मतभेद में इस मामले का भी जिक्र किया था।
 
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