सावधान: ट्रेन में बिना टिकट यात्रा करना पड़ सकता है महंगा, दोगुना तक लग सकता है जुर्माना

अब ट्रेनों में बेटिकट यात्रा करने वालों की खैर नहीं है। अभी तक मामूली जुर्माना देकर छूटने वाले बेटिकट यात्रियों से रेलवे ट्रेन के ओरिजनेट स्टेशन से पकड़े जाने वाले स्टेशन तक का टिकट और जुर्माना वसूलेगा।
अधिकारियों को उम्मीद है कि इस नए नियम से रेलवे की आमदनी ज्यादा होगी और बिना टिकट यात्रा करने वालों पर अंकुश लगेगा।

उल्लेखनीय है कि राजस्व बढ़ाने को लेकर रेलवे बोर्ड ने सभी जोन को टिकट चेकिंग अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में रेलवे ने चेकिंग स्टेशन की व्यवस्था खत्म कर दी है।

उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के अधिकारियों ने बताया कि पुरानी व्यवस्था के तहत बड़े स्टेशनों को चेकिंग स्टेशन बनाया गया था। मसलन, दिल्ली से लखनऊ रूट पर कानपुर चेकिंग स्टेशन था।

इसी तरह हावड़ा व मुंबई रूट पर वाराणसी व गोरखपुर चेकिंग स्टेशन थे। अब इस व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है।

पुरानी व्यवस्था 

दिल्ली से चलने वाली गोरखधाम एक्सप्रेस में बैठे बेटिकट यात्री के लखनऊ में पकड़े जाने पर उससे पिछले चेकिंग स्टेशन (दिल्ली-लखनऊ रूट पर कानपुर) से लखनऊ तक का टिकट बनता था। उस पर ईएफटी (एक्सेस फेयर टिकट) से पर्ची बनाकर जुर्माना लगाया जाता था। 

नई व्यवस्था 

अब रेलवे ने रूट के चेकिंग स्टेशन व्यवस्था खत्म कर दिए हैं। इसलिए यात्री का टिकट, उस स्टेशन से बनेगा, जहां से ट्रेन चली है। यानि दिल्ली और लखनऊ के बीच चलने वाली ट्रेन में बेटिकट पकड़े गए यात्री का दिल्ली से लखनऊ का टिकट बनाने के साथ ही उस पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। जिसमें यात्री अगर स्लीपर में सफर कर रहा है तो उस पर 250 रुपये जुर्माना, थर्ड एसी वाले पर 430 रुपये और सेकेंड एसी वाले पर 615 रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। 

शताब्दी : जितना टिकट, उतना जुर्माना

लग्जरी ट्रेनों में सामान्य जुर्माने के नियम लागू नहीं होते हैं। शताब्दी, राजधानी व दूरंतो में बेटिकट यात्री से टिकट के बराबर जुर्माना वसूला जाता है। अगर शताब्दी का दिल्ली से लखनऊ का टिकट 1,245 रुपये का है तो इतना ही जुर्माना वसूला जाएगा।
 
 
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