जाति-धर्म के नाम पर लोगों को बांट रही सरकार: राहुल गांधी

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को बहरीन से मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोगों को जाति और धर्म के नाम पर बांट रही है। वह बेरोजगार युवाओं के गुस्से का समुदायों के बीच नफरत फैलाने के लिए इस्तेमाल कर रही है। राहुल यहां एनआरआई समुदाय को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने एनआरआई से नफरत फैलाने वाली और विघटनकारी ताकतों से लड़ने में मदद देने की अपील की।
कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद भारत के बाहर एनआरआई को पहली बार संबोधित करते हुए राहुल ने भरोसा दिलाया कि वह अगले छह महीने में ‘नई और चमकदार कांग्रेस’ देंगे। उन्होंने पार्टी के संगठन में नाटकीय बदलाव करने का भी संकेत दिया, ताकि लोग उन पर भरोसा कर सकें। राहुल ने कहा कि इस समय देश में गंभीर संकट है। उन्होंने एनआरआई समुदाय से इसे हल करने और पुनर्निर्माण में हिस्सा लेने का अनुरोध किया। 

राहुल ने कहा, गरीबी हटाने और रोजगार देने की जगह हम नफरत और विघटनकारी ताकतों का उभार देख रहे हैं। राहुल ने भरोसा जताया कि कांग्रेस 2019 के आम चुनावों में भाजपा को हरा देगी, क्योंकि पार्टी में ऐसा करने क्षमता और ताकत है। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने गढ़ गुजरात में इस बार बहुत मुश्किल से बच पाई है।

रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा होगी प्राथमिकता

ग्लोबल आर्गेनाइजेशन ऑफ पीपुल ऑप इंडियन ओरिजन (जीओपीआईओ) की बैठक के दौरान कांग्रेस उपाध्यक्ष ने भारत को लेकर अपना विजन भी लोगों के सामने रखा। राहुल ने कहा, रोजगार पैदा करना, अच्छा स्वास्थ्य ढांचा और शिक्षा प्रणाली उनकी तीन शीर्ष प्राथमिकताएं होंगी। उन्होंने कहा, भारत आज स्वतंत्र है लेकिन एक बार फिर यह खतरे में है। आज हमारा देश दो स्पष्ट खतरों का सामना कर रहा है। हमारी सरकार लोगों को रोजगार देने में नाकाम रही है। सभी धर्मों के लोगों को जोड़ने की जगह, सरकार नौकरियों की कमी के चलते समुदायों में नफरत पैदा कर रही है।

गांधी, नेहरू और अंबेडकर भी एनआरआई थे

राहुल ने कहा कि महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और बीआर अंबेडकर भी एनआरआई थे। हमारे पूर्वजों को आइडिया ऑफ इंडिया की रक्षा के लिए 1947 में आपकी जरूरत पड़ी थी। आज मैं आपसे भारत को ट्रांसफॉर्म करने के लिए मदद मांगने आया हूं।

 
 
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