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तो इन दो देशो के दम पर अमेरिका को चुनौती दे रहा है पाकिस्तान?

नए साल के पहले दिन से ही अमेरिकाऔर पाकिस्तान के रिश्तों में आई खटास खुले तौर पर दुनिया के सामने आ चुकी है और न ही यह दूरी निकट भविष्य में कम होती दिखाई दे रही है। एक बात जो सबको हैरान कर रही है, वह है पाकिस्तान का रवैया। आमतौर पर पाकिस्तान आसानी से अमेरिका जैसी महाशक्ति के आगे झुक जाता था लेकिन इस बार वह भी बढ़-चढ़ कर जवाब दे रहा है। मगर इसके पीछे अकेला पाकिस्तान नहीं है बल्कि दो ऐसे देश हैं जिनका इस्लामाबाद के सपॉर्ट में उतरना भारत के लिए भी खतरे की घंटी है। ये दोनों देश हैं चीन और भारत का सदाबहार दोस्त रूस। चीन तो पहले ही खुलकर पाकिस्तान के समर्थन में आ चुका है लेकिन रूस ने भी टेलिफोन के जरिए उसे समर्थन का आश्वासन दिया है।तो इन दो देशो के दम पर अमेरिका को चुनौती दे रहा है पाकिस्तान?

 पाकिस्तान के ‘द नेशन’ की खबर के मुताबिक, रायनयिक सूत्रों ने बताया है कि रूस ने टेलिफोन पर बातचीत के जरिए इस्लामाबाद को आश्वासन दिया है कि वह खुदको अकेला न समझे। 

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, ‘ट्रंप के ट्वीट के बाद रूस से हुई बातचीत उम्मीद देने वाली है। वे हमारे विचारों का समर्थन करते हैं और हमारे साथ खड़े हैं।’ इस अधिकारी ने यह भी बताया, ‘रूस हमारे साथ द्विपक्षीय रिश्ते बढ़ाना चाहता है और रक्षा क्षेत्र में भी सहयोग करना चाहता है। वॉशिंगटन पाकिस्तान पर दबाव बनाना चाहता है लेकिन हमारे साथ दो बड़ी शक्तियां हैं।’ 

बता दें कि रूस इस बीच पाकिस्तान के करीब आया है। बीते महीने ही कराची में रूसी कौंसल जनरल ने कहा था कि पाकिस्तान और रूस के रिश्ते मजबूत होते जा रहे हैं और दोनों देश क्षेत्रिय शांति चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि रूस की विदेश नीति में पाकिस्तान का अहम स्थान है और मॉस्को उसे अपना सहयोगी मानता है। 

बता दें कि ट्रंप ने अपने ट्वीट में कहा था, ‘अमेरिका ने मूर्खतापूर्ण ढंग से बीते 15 सालों में पाकिस्तान को 33 अरब डॉलर की सहायता दी है। लेकिन बदले में हमें झूठ और छल के अलावा कुछ भी नहीं मिला। हमारे नेताओं को मूर्ख समझा गया। वे आतंकियों को सुरक्षित पनाहगाह देते रहे और हम अफगानिस्तान में खाक छानते रहे। अब और नहीं।’ इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान को दी जाने वाली 1625 करोड़ रुपये की सैन्य सहायता पर भी रोक लगा दी थी। 

इसके बाद पाकिस्तान के सदाबहार दोस्त चीन ने उसका साथ दिया। चीन ने मंगलवार को पाकिस्तान का यह कहकर बचाव किया कि वैश्विक समुदाय को आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए उसके सहयोगी (पाकिस्तान) के ‘सर्वोत्तम योगदान’ को स्वीकार करना चाहिए। चीन ने पाकिस्तान के आतंकवाद विरोधी रेकॉर्ड की तारीफ भी की। चीन ने यह भी कहा कि चीन को यह देखकर खुशी है कि आतंकवाद के खिलाफ अभियान समेत कई अंतरराष्ट्रीय सहयोग में पाक बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहा है, जिससे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता कायम की जा सके। 

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