सरकार दिल्लीवालों को फ्री में स्वास्थ्य सुविधाएं देना चाहती है, लेकिन एलजी को यह रास नहीं आ रहा

दिल्ली सरकार की क्वॉलिटी हेल्थ फॉर ऑल स्कीम पर एलजी के इनकम क्राइटेरिया लगाने की बात पर हेल्थ मिनिस्टर सत्येंद्र जैन ने हैरानी जताई है। जैन ने कहा है कि सरकार दिल्लीवालों को फ्री में स्वास्थ्य सुविधाएं देना चाहती है लेकिन एलजी को यह रास नहीं आ रहा। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी कहा है कि इनकम क्राइटेरिया लगाने से मोहल्ला क्लिनिक और पॉलिक्लिनिक भी दम तोड़ देंगे।सरकार दिल्लीवालों को फ्री में स्वास्थ्य सुविधाएं देना चाहती है, लेकिन एलजी को यह रास नहीं आ रहा

केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘इनकम क्राइटेरिया लगाने से क्वॉलिटी हेल्थ फॉर ऑल स्कीम पर काफी असर पड़ेगा। इसके कारण मोहल्ला क्लिनिक और पॉलिक्लिनिक भी दम तोड़ देंगे।’ दूसरी तरफ हेल्थ मिनिस्टर सत्येंद्र जैन ने एलजी अनिल बैजल पर हमला करते हुए कहा कि एलजी सभी को फ्री इलाज नहीं देने की बात कह रहे हैं, जबकि सरकार कई महीनों से स्कीम चला रही है। सत्येंद्र जैन ने एलजी की बात पर असहमति जताते हुए कहा कि अगर उन्हें स्कीम में कमी नजर आ रही थी तो पहले ही बता देते। जैन ने कहा कि अभी स्कीम चल रही है लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया गया तो आगे चलकर परेशानी हो सकती है। 

सत्येंद्र जैन ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि नए साल में सब ठीक होगा, लेकिन एलजी ने जो डोर स्टेप डिलिवरी सिस्टम के साथ किया, वही क्वॉलिटी हेल्थ फॉर ऑल स्कीम के साथ किया है। उन्होंने बताया कि एलजी का कहना है कि सभी को फ्री इलाज नहीं दे सकते। यह बात समझ से परे है। जैन ने कहा कि अगर इनकम क्राइटेरिया लागू किया तो लोगों को इलाज से पहले एसडीएम ऑफिस में इनकम सर्टिफिकेट बनवाने के लिए चक्कर काटने होंगे। फिर तो कोई स्कीम का लाभ लेगा ही नहीं। उन्होंने कहा कि एम्स में एमआरआई के लिए 3 हजार रुपये लगते हैं। एक साल की वेटिंग है। इतनी लंबी वेटिंग में मरीज की जान भी जा सकती है। एलएनजेपी और जीबी पंत में भी यही हाल है। ऐसे में स्कीम से लोगों को फायदा मिल रहा है। 

क्या है क्वॉलिटी हेल्थ फॉर ऑल स्कीम 
दिल्लीवालों को फ्री इलाज मुहैया कराने के मकसद से दिल्ली सरकार दो स्कीम चला रही है। पहली स्कीम के तहत, अगर किसी सरकारी अस्पताल में मरीज का एमआरआई, सीटी स्कैन जैसी जांच नहीं हो पाती हैं तो ऐसे मरीजों की प्राइवेट अस्पताल या लैब में जांच कराने की योजना है। सरकार इसका सीजीएचएस रेट पर भुगतान करती है। दूसरी स्कीम के तहत सरकारी अस्पतालों में मरीजों को सर्जरी के लिए एक महीने से ज्यादा वेटिंग दिए जाने पर प्राइवेट अस्पताल में सर्जरी कराने की योजना है। इस स्कीम में भी भुगतान सरकार ही करती है। दिल्ली सरकार ने 67 अस्पतालों और लैब को स्कीम से जोड़ा हुआ है। 

अपना रेडियोलॉजी सेंटर बनाएगी सरकार 

सत्येंद्र जैन ने कहा है कि दिल्ली सरकार अपना रेडियोलॉजी सेंटर बनाएगी। हालांकि इस पर काफी समय लग सकता है। उन्होंने बताया कि रेडियोलॉजी सेंटर बनने से लोगों को मुफ्त सुविधाएं मुहैया कराने के लिए काफी हद तक प्राइवेट अस्पतालों पर निर्भरता कम होगी। जैन ने बताया कि हादसे के बाद सबको फ्री इलाज देने की स्कीम एलजी ने स्वीकृत कर दी है। जल्द ही इसे लागू किया जाएगा। 
Loading...

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com