नौकरी चली जाने के हालात में कैसे करें अपने फाइनेंस और EMI को मैनेज, ये टिप्स आएंगे आपके काम

जीवन में कुछ भी निश्चित नहीं है, खासकर ये तब और मुश्किल लगने लग जाता है जब आपने कोई प्लान किया हो और अचानक आए किसी परिस्थिति से आपका प्लान चौपट हो जाता है। प्राइवेट कंपनियों में बहुत सारे लोग काम करते हैं और ऐसे समय में अर्थव्यवस्था में चल रही सुस्ती की वजह से नौकरी की सुरक्षा मुख्य चिंताओं में से एक है। फिलहाल भारतीय अर्थव्यवस्था में सुस्ती की वजह से कई सेक्टर्स में नौकरी में कटौती हो रही है।

कई प्रमुख कंपनियों ने लागत में कटौती के लिए पहले से ही कर्मचारियों को नौकरी से निकालना शुरू कर दिया है। ऐसे में जो लोग अपनी नौकरी खो देते हैं वे अक्सर दूसरी नौकरी खोजने से पहले आर्थिक रूप से संघर्ष करते हैं। जिन लोगों के पास वित्तीय जिम्मेदारियां हैं, जैसे ईएमआई, बच्चों की फीस, दैनिक खर्च, बीमा प्रीमियम इत्यादि उनकी स्थिति ज्यादा खराब हो जाती है। जबकि कुछ लोगों के इमरजेंसी फंड होता है जिससे वे कुछ समय तक अपना काम निकाल सकते हैं। बदकिस्मती से अगर कोई व्यक्ति जॉब खो देता है तो आने वाले समय के लिए उसे फाइनेंशियल तौर पर मजबूत रहने के लिए क्या करना चाहिए।

खर्चों में कटौती कर नया बजट तैयार करें: नौकरी जाने की स्थिति में नियमित जीवन शैली को बनाए रखना मुश्किल है। आप आर्थिक रूप से संघर्ष न करें इसके लिए पहला काम यह करना होगा कि आप अपने खर्चों में कमी करें और एक नया बजट बनाएं कि आप अनावश्यक खर्च नहीं कर रहे हैं। आपकी बचत के पैसे की उपलब्धता के आधार पर अब आपको अपने पूरे घरेलू बजट को फिर से तैयार करना होगा। इसके आलवा बाहर खाने, फिल्मों और दैनिक खर्चों में कटौती करें।

प्राथमिकताएं तय करें: बीमा प्रीमियम, कर्ज ईएमआई, निवेश, यूटिलिटी खर्च। पहले इनका भगतन करना सुनिश्चित करें।

बैंक सेविंग का इस्तेमाल: अगर आपके पास इमरजेंसी फंड नहीं है, तो आप अपनी बैंक सेविंग का इस्तेमाल कर सकते हैं। यदि इससे भी काम नहीं निकल रहा हो तो आप अपनी कुछ संपत्तियों को बेच दें या अपने ईएमआई को चुकाने के लिए म्युचुअल फंड से होने वाली आय का इस्तेमाल करें। कुछ निवेश साधन जैसे फिक्स्ड डिपॉजिट, पीपीएफ, बीमा, सोना या संपत्ति के बदले आप लोन ले सकते हैं।

EMI और इंश्योरेंस को रीशेड्यूल करें: ऐसे वक्त में जब नौकरी नहीं है तो अपने EMI और इंश्योरेंस को रीशेड्यूल करें। अगर स्थिति बहुत बेहतर नहीं है तो अपने निवेश को अस्थायी रूप से रोक सकते हैं। हालांकि, बीमा प्रीमियम भुगतान तो करना पड़ेगा क्योंकि पॉलिसी लैप्स होने का जोखिम है, लेकिन आप बीमाकर्ता से यह पता लगा सकते हैं कि क्या आप भुगतान के समय में भुगतान कर सकते हैं क्या। आप यह भी पूछ सकते हैं कि क्या कवरेज राशि का उपयोग अस्थायी रूप से किया जा सकता है।

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