Wednesday , March 3 2021

‘आदतन अपराधी हैं लालू, JDU-BJP गठबंधन कायम रहेगा’

चारा घोटाला के एक मामले में सीबीआई की विशेष अदालत में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को दोषी ठहराए जाने के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है। चारा घोटाले में पटना हाई कोर्ट में मूल याचिकाकर्ता और बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी का कहना है कि प्रदेश में लालू प्रसाद यादव के जातिगत कार्ड की अब उपयोगिता नहीं रह गई है। अमन शर्मा से बातचीत में उन्होंने कहा 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी-जेडीयू का गठबंधन कायम रहेगा। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश: 

सवाल- लालू प्रसाद जातिगत कार्ड खेलते हुए कह रहे हैं कि चारा घोटाले में अगड़ी जाति के नेता जगन्नाथ मिश्र की रिहाई हो गई। क्या यह राजनीतिक रणनीति है?
जवाब- लालू प्रसाद पहले भी यह कार्ड खेल चुके हैं, जब जब मिश्र को जमानत मिली थी और उन्हें (लालू) बेल नहीं मिल पाई थी। हकीकत यह है कि शनिवार को आए इस फैसले में अगड़ी जाति के 8 लोगों को सजा हुई, जबकि ओबीसी कैटेगरी के 4 लोगों को रिहाई हुई है। प्रसाद अब बिहार में यादव और मुसलमानों के वोट तक सिमट गए हैं। कभी उनके पास पूरी पिछड़ी जातियों और दलितों के एक तबके का समर्थन हासिल था। 2005 और 2010 के विधानसभा चुनावों में आरजेडी की सीटों में गिरावट हुई और उनका असर लगातार कमजोर हुआ है। 2015 के विधानसभा चुनाव में उन्हें 80 सीटें इसलिए मिलीं क्योंकि उन्होंने नीतीश कुमार के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। प्रसाद जिन जातियों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं, उनके बीच उनका कोई असर या प्रभाव नहीं है। यादव और मुसलमान को छोड़कर बाकी लोग लालू से नफरत करते हैं। वह सिर्फ दो वोट बैंक के आधार पर राजनीति नहीं कर सकते। 
सवाल – क्या लालू को हुई सजा से नीतीश कुमार और बीजेपी के बीच रिश्ते और मजबूत होंगे? क्या 2019 के लिए आप लोगों का गठबंधन होगा? 
जवाब- रिश्ते पहले ही मजबूत हो चुके हैं। इससे सजा का कोई लेनादेना नहीं है। बिहार में मुख्य प्रतिद्वंद्वी लालू प्रसाद हैं, न कि कांग्रेस। नीतीश कुमार मंगलवार को विजय रुपाणी के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने के लिए गुजरात जा रहे हैं। मीडिया अपनी अटकलबाजी कर सकता है, लेकिन जाहिर तौर पर 2019 में गठबंधन होगा। हमारा गठबंधन सिर्फ 6 महीने के लिए नहीं है। सवाल- आप चारा घोटाले में पहले याचिकाकर्ता थे और आपने उनके परिवार के खिलाफ बाकी गड़बड़ियों का मामला भी उठाया। आप लालू के परिवार के भविष्य को किस तरह देखते हैं?
जवाब- उनके अपने परिवार के तकरीबन आधे लोग फिलहाल भ्रष्टाचार के आरोप का सामना कर रहे हैं। इसमें उनके दोनों बेटे, उनकी बेटी और पत्नी शामिल हैं। लालू को दूसरी बार सजा हुई है और वह भ्रष्टाचार के मामले में ‘आदतन अपराधी’ हो चुके हैं। बिहार के लोग यह जानते हैं। उनका परिवार बेनामी संपत्ति के मामले में बुरी तरह फंस चुका है और ये सभी केस इतने पुख्ता हैं कि इनसे बचने का कोई रास्ता नहीं है। ट्रायल कोर्ट से लालू प्रसाद को सिर्फ एक केस में रिहाई मिली, जो आय से अधिक संपत्ति से जुड़ा था। तत्कालीन यूपीए सरकार ने 2010 में सीबीआई को इस बारे में अपील दायर करने की इजाजत नहीं दी थी। चारा घोटाले के अलावा लालू और उनकी फैमिली के खिलाफ तकरीबन आधा दर्जन नए केस हैं। लालू और उनके परिवार ने इन मामलों के हर चरण में सबूत छोड़ रखे हैं। 

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