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साल 2017 में भारत की अर्थव्यवस्था में हुआ यह सब

नोटबंदी के असर के साथ शुरू हुआ 2017 आर्थिक रूप से कई बड़े बदलाव लेकर आया। आर्थिक सुधारों से लेकर शेयर बाजारों की नई ऊंचाइयों तक, जानिए, आर्थिक रूप से कैसा रहा साल 2017…

विभिन्न सेंट्रल और स्टेट टैक्सेज को मिलाकर गुड्स और सर्विसेज टैक्स यानी जीएसटी को 1 जुलाई से देशभर में लागू कर दिया गया। इस नए टैक्स सिस्टम में 0, 5, 12, 18 और 28% की टैक्स दरें तय की गईं। हालांकि, डीजल-पेट्रोल और शराब को फिलहाल जीएसटी से बाहर रखा गया है।
24 अक्टूबर को केंद्र सरकार ने अगले दो सालों में 2.11 लाख करोड़ रुपये से सरकारी बैंकों के रीकैपिटलाइजेशन का ऐलान किया। बड़े लोन के फंस जाने की वजह से इन बैंकों का नॉन-परफॉर्मिंग ऐसेट (एनपीए) का स्तर काफी चिंताजनक स्तर पर पहुंच चुका है। जून 2017 में यह आंकड़ा 8,29,338 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका गया।
भारत सरकार ने 28 जून को सरकारी एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया लिमिटेड और इसकी पांच सहायक कंपनियों के प्राइवेटाइजेशन को हरी झंडी दे दी।
1 मई से रियल एस्टेट (रेग्युलेशन ऐंड डिवेलपमेंट) ऐक्ट 2016 (RERA) को लागू कर दिया गया। तब देश के 13 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने फ्लैट बायर्स के हितों की रक्षा करने और रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता कायम करने के लिए रेरा के तहत नोटिफिकेशन जारी कर दिए थे।
ब्लैक मनी पर कार्रवाई आगे बढ़ाते हुए केंद्र सरकार ने लाखों कंपनियों के खाते सील कर दिए। 5 नवंबर को सरकार ने बताया कि 2.24 लाख कंपनियों से जवाब-तलब किया जा रहा है क्योंकि ये दो या दो साल से अधिक वर्षों से कोई कारोबार नहीं कर रही थीं। सरकार को शक है कि इनमें हजारों कंपनियां मनी लॉन्ड्रिंग के काले खेल में जुटी हैं और ये शेल कंपनियां हैं। इसके साथ ही सरकार ने 15 दिनों के अंदर कंपनियों के 2 लाख डायरेक्टरों को डिसक्वॉलिफाई कर दिया।
22 दिसंबर को निफ्टी ने पहली बार 10,501 का आंकड़ा छू लिया। इस दिन 44.15 अंकों की बढ़त के साथ निफ्टी ने 10,010 अंकों पर कारोबार की शुरुआत की। दूसरी तरफ सेंसेक्स भी 33,964 अंकों तक पहुंचने में कामयाब रहा।
अमेरिकी रेटिंग्स एजेंसी मूडीज ने 13 साल बाद 17 नवंबर को भारत की सॉवरन क्रेडिट रेटिंग्स को एक पायदान ऊपर कर दिया। एजेंसी ने स्टेबल आउटलुक देते हुए भारत की रेटिंग ‘Baa2’ कर दी। इससे पहले, 31 अक्टूबर को वर्ल्ड बैंक की ओर से जारी ईज ऑफ डुइंग बिजनस लिस्ट में भारत ने 30 अकों का बड़ी उछाल भरी। पिछले साल के 130वें स्थान से 30 अंकों की छलांग लगाते हुए भारत अब 100वें नंबर पर पहुंच गया। विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन के कारण ईज ऑफ डूइंग बिजनस में भारत की ओवरऑल रैंकिंग सुधर गई।
साल 2017 में भारत समेत वैश्विक स्तर की बड़ी कंपनियों में दिग्गजों का आना-जाना लगा रहा। देश की दिग्गज आईटी कंपनी इन्फोसिस के सीईओ विशाल सिक्का ने 18 अगस्त को तो पेप्सिको इंडिया के सीईओ डी. शिवकुमार ने अक्टूबर में कंपनी के पद से इस्तीफा दे दिया।
साल 2017 के आखिरी महीनों में डिजिटल करंसी बिटकॉइन ने कीमत में लगातार बड़ी उछाल की वजह से खूब सुर्खियां बटोरीं। बिटकॉइन ने 19 दिसंबर को $18,835.98 की नई ऊंचाई छू ली। इस दिन भारतीय मुद्रा में एक बिटकॉइन की कीमत करीब 12 लाख रुपये हो गई थी। बिटकॉइन की बढ़ने की खबर से लाइटकॉइन, IOTA और रिपल जैसी क्रिप्टोकरंसीज की कीमतों में भी बड़ी उछाल आई। 278 बिलियन डॉलर (करीब 178 खरब रुपये) के मार्केट कैपिटलाइजेशन के साथ बिटकॉइन क्रिप्टोकरंसीज की लिस्ट में टॉप पर है।
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