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दूसरे चरण में 6 नगर निगमों में BJP की होगी कड़ी परीक्षा, पांच पर हैं भाजपा के मेयर

नगरीय निकायों के दूसरे चरण के चुनावों में रविवार को असली इम्तिहान भाजपा का होना है। जिन 6 नगर निगमों में चुनाव हो रहे हैं, उनमें अभी तक 5 में भाजपा के मेयर थे जबकि मथुरा-वृंदावन पहली बार नगर निगम बना है। मथुरा-वृंदावन में जीत-हार भाजपा के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है कि यह उसके सांस्कृतिक एजेंडे का खास हिस्सा है। प्रधानमंत्री का निर्वाचन क्षेत्र होेने के कारण वाराणसी नगर निगम भी भाजपा की प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ है।
दूसरे चरण में राजधानी लखनऊ समेत 6 नगर निगमों, 51 पालिका परिषदों व 132 नगर पंचायतों में रविवार को मतदान होगा। भाजपा ने इनमें अपने मेयर, अध्यक्ष, पार्षद और सभासद प्रत्याशियों को जिताने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। अलीगढ़, आगरा, गाजियाबाद और लखनऊ में 2012 में भाजपा के मेयर निर्वाचित हुए थे।

मथुरा तब नगर निगम नहीं था जबकि इलाहाबाद में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अभिलाषा गुप्ता मेयर चुनी गईं थी। विधानसभा चुनाव से पहले अभिलाषा के पति नंदगोपाल गुप्ता उर्फ नंदी भाजपा में शामिल हो गए थे। वह न केवल भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीते वरन कैबिनेट मंत्री भी बन गए।

इस तरह इलाहाबाद नगर निगम भी भाजपा के कब्जे में आ गया। भाजपा ने इस बार अभिलाषा को ही अपना उम्मीदवार बनाया है। इस सीट पर भाजपा के साथ ही नंदी को कड़ा इम्तिहान देना पड़ रहा है।

मथुरा में श्रीकांत शर्मा की प्रतिष्ठा दांव पर

पहली बार नगर निगम बने मथुरा-वृंदावन में मेयर का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। यहां भाजपा उम्मीदवार को कांग्रेस और सपा से चुनौती मिल रही है। मथुरा में कांग्रेस का एक पार्षद प्रत्याशी निर्विरोध भी निर्वाचित हो चुका है।
मथुरा से भाजपा विधायक  श्रीकांत शर्मा प्रदेश सरकार में ऊर्जा मंत्री हैं। मशहूर फिल्म अभिनेत्री हेमा मालिनी यहां से सांसद हैं। इन दोनों की प्रतिष्ठा भी मथुरा नगर निगम के चुनाव से जुड़ी हुई है।लखनऊ में सीएम ने की पांच सभाएं
राजधानी लखनऊ में भाजपा की संयुक्ता भाटिया के सामने सपा की मीरा वर्धन, बसपा की बुलबुल गोदियाल, कांग्रेस की प्रेमा अवस्थी और आम आदमी पार्टी की प्रियंका माहेश्वरी चुनावी ताल ठोंक रही हैं।

राजधानी में चुनाव की अहमियत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि भाजपा की मेयर व पार्षद पद के प्रत्याशियों के पक्ष में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पांच सभाएं कर चुके हैं। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर चुके हैं। कई मंत्री चुनाव प्रचार में लगे हैं। अन्य नगर निगमों में सीएम ने एक-एक चुनावी सभा को संबोधित किया है।

वाराणसी अलीगढ़, गाजियाबाद पर भी नजरें

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के साथ ही राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह व उनके सांसद बेटे राजबीर सिंह के गृह जनपद अलीगढ़ और केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह के संसदीय क्षेत्र गाजियाबाद में भी नगर निगम व अन्य निकायों के चुनावों पर नजरें लगी हुई हैं।
इन तीनों ही क्षेत्रों में 2012 में भाजपा मेयर का चुनाव जीती थी। इन सीटों को बरकरार रखने के लिए भाजपा ने पूरी ताकत झोंकी है।
 
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