Sunday , November 29 2020

महिलाओं ने अपनी जिद पर हटवाया शराब का ठेका

कालड़ावास गांव की सीमा से जब शराब का ठेका शुकायतो के बाद भी दूर नहीं शिफ्ट किये जाने पर मंगलवार को महिलाओं ने उग्र रूप धारण करते हुए आबकारी अधिकारी को घेरकर उनकी क्लास ले ली. तब जाकर आबकारी अधिकारी ने ठेके को तुरंत स्थानांतरित करने का आदेश दिया. गांव की सीमा में खुले एक शराब ठेके से ग्रामीण काफी परेशान थे. ग्रामीणों ने काफी बार इसे हटाने के लिए शिकायतें दीं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला. इससे गुस्साई महिलाएं ठेके के पास जा पहुंचीं और ठेके के मालिक को खरी-खोटी सुनाई.कालड़ावास गांव की सीमा से जब शराब का ठेका शुकायतो के बाद भी दूर नहीं शिफ्ट किये जाने पर मंगलवार को महिलाओं ने उग्र रूप धारण करते हुए आबकारी अधिकारी को घेरकर उनकी क्लास ले ली. तब जाकर आबकारी अधिकारी ने ठेके को तुरंत स्थानांतरित करने का आदेश दिया. गांव की सीमा में खुले एक शराब ठेके से ग्रामीण काफी परेशान थे. ग्रामीणों ने काफी बार इसे हटाने के लिए शिकायतें दीं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला. इससे गुस्साई महिलाएं ठेके के पास जा पहुंचीं और ठेके के मालिक को खरी-खोटी सुनाई.  सूचना मिलने पर आबकारी अधिकारी अनिल कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने महिलाओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने एक न सुनी. महिलाओं का गुस्सा देख अनिल कुमार ने ठेके को अन्य जगह शिफ्ट करने का आदेश दिया. इसके बाद ठेके के मालिक ने ठेके में रखी शराब गाड़ी में डालकर वहां ठेका बंद कर दिया.  सरपंच सुरेन्द्र सिंह, लीलूराम, सरजीत सिंह, गोवर्धन, अतर सिंह, राजू सिंह और राम किशन ने बताया कि गांव में सिर्फ प्राथमिक पाठशाला ही है. बाकी की पढ़ाई के लिए गांव के बच्चों को मुहम्मदपुर-बालावास के स्कूल में जाना पड़ता है. शराब ठेका बीच रास्ते में होने के कारण शराबी छात्राओं से छेड़छाड़ करते हैं और अश्लील बातेंकरते है. इससे ग्रामीण काफी परेशान थे. अब महिलाओं के आंदोलन कर देने के बाद गांव को इस समस्या से निजाद मिल गई है.

सूचना मिलने पर आबकारी अधिकारी अनिल कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने महिलाओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने एक न सुनी. महिलाओं का गुस्सा देख अनिल कुमार ने ठेके को अन्य जगह शिफ्ट करने का आदेश दिया. इसके बाद ठेके के मालिक ने ठेके में रखी शराब गाड़ी में डालकर वहां ठेका बंद कर दिया.

सरपंच सुरेन्द्र सिंह, लीलूराम, सरजीत सिंह, गोवर्धन, अतर सिंह, राजू सिंह और राम किशन ने बताया कि गांव में सिर्फ प्राथमिक पाठशाला ही है. बाकी की पढ़ाई के लिए गांव के बच्चों को मुहम्मदपुर-बालावास के स्कूल में जाना पड़ता है. शराब ठेका बीच रास्ते में होने के कारण शराबी छात्राओं से छेड़छाड़ करते हैं और अश्लील बातेंकरते है. इससे ग्रामीण काफी परेशान थे. अब महिलाओं के आंदोलन कर देने के बाद गांव को इस समस्या से निजाद मिल गई है.

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