Thursday , November 26 2020

योगी के राजभर ने फिर छेड़ा बगावती स्वर

खुद की सरकार से बगावत के कारण यूपी सरकार का सिरदर्द बन चुके कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्‍यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने एक बार फिर अपना बगावती तेवर दिखाया है. राजभर ने फिर अपनी ही सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि नीची जाति का होने के कारण उन्हें अधिकारी भी महत्व नहीं दे रहे हैं. अपने प्रोटोकॉल में किसी अधिकारी के नहीं होने पर भड़के राजभर ने आपत्तिजनक बयान देते हुए कहा कि अगर वह ऊंची जाति के होते तो प्रशासनिक अधिकारी उनके भी आगे-पीछे दुम हिलाते.खुद की सरकार से बगावत के कारण यूपी सरकार का सिरदर्द बन चुके कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्‍यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने एक बार फिर अपना बगावती तेवर दिखाया है. राजभर ने फिर अपनी ही सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि नीची जाति का होने के कारण उन्हें अधिकारी भी महत्व नहीं दे रहे हैं. अपने प्रोटोकॉल में किसी अधिकारी के नहीं होने पर भड़के राजभर ने आपत्तिजनक बयान देते हुए कहा कि अगर वह ऊंची जाति के होते तो प्रशासनिक अधिकारी उनके भी आगे-पीछे दुम हिलाते.  राजभर जब बहराइच दौरे पर पहुंचे तो कैबिनेट मंत्री के प्रोटोकॉल में गुरुवार को अधिकारी नदारद थे जिस पर राजभर भड़क गए गए और उनके निशाने पर सीधे सीधे योगी सरकार आ गई. राजभर ने कहा, 'योगी सरकार में जातिवाद हावी है. सभी बड़े नेताओं के रिश्तेदार प्रदेश में ऊंचे पदों पर तैनात हैं. मैं ऊंची जाति का होता तो मेरे भी आगे-पीछे प्रशासनिक अधिकारी दुम हिलाते. लेकिन मैं नीची जाति का हूं इसलिए मुझे गार्ड ऑफ ऑनर तक नहीं मिला.' एक दिन पहले बुधवार को ही राजभर ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए पार्टी में जातिवाद और परिवारवाद हावी होने का आरोप लगाया था. राजभर ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि बीजेपी भी जाति देखकर टिकट देती है और मंत्री बनाती है. साथ ही राजभर ने बीजेपी के बड़े नेताओं के रिश्‍तेदारों को माध्‍यमिक शिक्षा चयन बोर्ड में शामिल किए जाने का आरोप भी लगाया था.     राजभर के बगावती स्वर के किस्से नए नहीं है. योगी पर आरोप लगाते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा था, 'पांच-छह बड़े अधिकारी सीएम को जो समझा रहे हैं, वह उसी को मान रहे हैं. पर, जब कोई जनप्रतिनिधि जनता का दर्द बताता है तो वह सुन नहीं रहे हैं.' वहीं शराबबंदी के मुद्दे पर राजभर ने कहा था, 'मैं सदन में अब तक 16 बार शराबबंदी को लेकर आवाज उठा चुका हूं मगर योगी सरकार नहीं सुनती. सूबे में शराबबंदी की मांग को अनसुना करने के कारण मुख्यमंत्री से वैचारिक लड़ाई का ऐलान करता हूं

राजभर जब बहराइच दौरे पर पहुंचे तो कैबिनेट मंत्री के प्रोटोकॉल में गुरुवार को अधिकारी नदारद थे जिस पर राजभर भड़क गए गए और उनके निशाने पर सीधे सीधे योगी सरकार आ गई. राजभर ने कहा, ‘योगी सरकार में जातिवाद हावी है. सभी बड़े नेताओं के रिश्तेदार प्रदेश में ऊंचे पदों पर तैनात हैं. मैं ऊंची जाति का होता तो मेरे भी आगे-पीछे प्रशासनिक अधिकारी दुम हिलाते. लेकिन मैं नीची जाति का हूं इसलिए मुझे गार्ड ऑफ ऑनर तक नहीं मिला.’ एक दिन पहले बुधवार को ही राजभर ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए पार्टी में जातिवाद और परिवारवाद हावी होने का आरोप लगाया था. राजभर ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि बीजेपी भी जाति देखकर टिकट देती है और मंत्री बनाती है. साथ ही राजभर ने बीजेपी के बड़े नेताओं के रिश्‍तेदारों को माध्‍यमिक शिक्षा चयन बोर्ड में शामिल किए जाने का आरोप भी लगाया था.

राजभर के बगावती स्वर के किस्से नए नहीं है. योगी पर आरोप लगाते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा था, ‘पांच-छह बड़े अधिकारी सीएम को जो समझा रहे हैं, वह उसी को मान रहे हैं. पर, जब कोई जनप्रतिनिधि जनता का दर्द बताता है तो वह सुन नहीं रहे हैं.’ वहीं शराबबंदी के मुद्दे पर राजभर ने कहा था, ‘मैं सदन में अब तक 16 बार शराबबंदी को लेकर आवाज उठा चुका हूं मगर योगी सरकार नहीं सुनती. सूबे में शराबबंदी की मांग को अनसुना करने के कारण मुख्यमंत्री से वैचारिक लड़ाई का ऐलान करता हूं

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