बोर्ड के सदस्य इशाक अहमद ने कहा, ‘हम अपने फिल्म वितरकों को वैसी फिल्में आयात करने की इजाजत नहीं दे सकते, जो हमारी परंपरा एवं संस्कृति के खिलाफ हैं।’ पंजाब फिल्म सेंसर बोर्ड के सदस्यों ने यह फिल्म देखने से भी इनकार करते हुए कहा कि यह एक वर्जित विषय है और इसे मंजूरी प्रमाणपत्र सिरे से खारिज किया गया है.

एक सदस्य ने कहा, ‘अपने सिनेमा में हम वर्जित विषयों पर फिल्मों की स्क्रीनिंग की इजाजत नहीं दे सकते क्योंकि यह हमारी संस्कृति, समाज या यहां तक कि धर्म में नहीं है.’ जाने माने पाकिस्तानी फिल्म निर्माता सैयद नूर ने कहा कि विदेशों से आयात की जाने वाली फिल्मों के बारे में स्थानीय फिल्म वितरकों और एग्जीबीटर्स से बात करने की जरूरत है. नूर ने कहा, ‘ना सिर्फ ‘पैडमैन’, बल्कि मुझे लगता है कि यहां तक कि ‘पद्मावत’ भी पाकिस्तान में रिलीज नहीं की जानी चाहिए क्योंकि यह मुसलमानों को बहुत नकारात्मक रूप से चित्रित करती है.