अंडर-19 वर्ल्ड कप: जीत तो मिली पर सफलता के आगे की राह है मुश्किल

भारतीय अंडर-19 टीम शनिवार को वर्ल्ड कप जीतने के बाद काफी खुश नजर आ रही थी लेकिन टीम के कोच राहुल द्रविड़ इस अवसर पर काफी गंभीर नजर आ रहे थे। कोच ने टीम को बधाई तो दी ही लेकिन उन्होंने इसके साथ ही टीम के खिलाड़ियों को एक हिदायत भी दी। द्रविड़ ने कहा, ‘यह लम्हा उन्हें लंबे समय तक याद रहेगा और उम्मीद करता हूं कि यह उनके याद उन्हें परिभाषित न करे। उनके करियर में कई बड़ी और बेहतर यादें आएंगी।’

 

अंडर-19 वर्ल्ड कप में जीत हासिल करना भले ही इन खिलाड़ियों के लिए बड़ी घटना हो लेकिन इतिहास में ऐसी कई कहानियां हैं जिनमें युवा स्तर पर नाम कमाने वाले खिलाड़ी बड़े स्तर पर कहीं खो जाते हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि इस छोटी उम्र में मिलने वाली इतनी बड़ी कामयाबी के साथ कुछ गुमान भी आ जाता है और उसी के चलते क्रिकेट कहीं नेपृथ्य में चला जाता है। 

उन्मुक्त चंद की कप्तानी में भारत ने 2012 में अंडर-19 विश्व कप जीता था। वह कामयाबी के बाद ढलान का मर्म समझते होंगे। कामयाबी के फौरन बाद मिली स्पॉटलाइट और एजेंट्स व स्पॉन्सर्स की लंबी कतार उनके घर के सामने लगी हुई थी। 24 वर्षीय उन्मुक्त अब चीजों को यूं देखते हैं- ‘अंडर-19 एक बड़े सफर में पड़ाव की तरह है।’ 

दिल्ली के ही विराट कोहली ने उन्मुक्त से चार साल पहले ट्रोफी जीती। उन्मुक्त को कोहली का उत्तराधिकारी माना गया। माना गया कि वह अब सुपरस्टारडम के उसी सफर पर चलेंगे जिस पर कोहली चल रहे हैं। 

अब उन्हें दिल्ली टीम में अपनी जगह बनानी पड़ती है। एक साल पहले तक वह दिल्ली के कप्तान थे और दो साल पहले इंडिया ‘ए’ के। उन्मुक्त ने कहा, ‘विराट के सफल क्रिकेटर के तौर पर उभरने में अंडर-19 वर्ल्ड क्रिकेट का योगदान माना जाता है। इससे खिलाड़ियों पर दबाव बढ़ता है। लोगों को (क्रिकेटर भी) यह समझना चाहिए कि किसी को एक साल तो किसी को 8-10 साल लगते हैं विराट जितनी सफलता पाने में। मुझे लगता है कि युवा क्रिकेटरों को उनकी यात्रा का आनंद लेने की छूट देनी चाहिए।’ 

उन्मुक्त ने कहा कि सरफराज खान और विजय जोल जैसे खिलाड़ियों के क्रिकेट ग्राफ में गिरावट का एक कारण आईपीएल की चकाचौंध हो सकती है। उन्होंने कहा, ‘समय बदल गया है। जो चीजें हमें करने से रोका जाता था, जैसे सोशल मीडिया पर ऐक्टिव रहना, अब वह हर लड़के की जिंदगी का हिस्सा है। आईपीएल के महंगे कॉन्ट्रैक्ट से खिलाड़ियों को वर्ल्ड कप के दौरान काफी आत्मविश्वास मिला। मेरे बैच में मैं इकलौता क्रिकेटर था, जिसे आईपीएल टीम से कॉन्ट्रैक्ट मिला।’ 

दिल्ली डेयरडेविल्स के टैलंट हंट के हेड प्रवीण आमरे का मानना है कि जिन युवा क्रिकेटरों को फ्रैंचाइजी टीम में शामिल करती हैं, उनकी प्रतिभा को निखारने की जरूरत है। डेयरडेविल्स ने पिछले 3 साल में श्रेयस अय्यर, ऋषभ पंत के अलावा अब पृथ्वी शॉ और मनजोत कालरा जैसे युवाओं पर भरोसा जताया है। आमरे ने कहा, ‘आपको इन खिलाड़ियों को सपोर्ट करने की जरूरत होती है। उन्हें यह बताना चाहिए कि सीनियर्स से किस तरह से बातचीत करें।’ 

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