…तो ये वजह है दक्षिण अफ्रीका का टॉप टीमों में बने रहने का राज

डरबन : भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पहला वनडे गुरूवार को शुरू हो रहा है. इस समय दक्षिण अफ्रीका आईसीसी रैंकिंग में नंबर वन के स्थान पर काबिज है. दक्षिण अफ्रीका अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लगभग दो दशक तक बाहर रहा, लेकिन 90के दशक में जब उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की तो उनकी वन डे टीम ने दुनिया को चौंका दिया. तब से लगातार दक्षिण अफ्रीका की टीम दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक रही है.

पिछले कुछ सालों में दक्षिण अफ्रीका ने वर्ल्ड क्रिकेट में अपनी धाक जमायी है. इसकी एक बड़ी वजह यह है कि उनके पास मैंचो को फिनिश करने वाले शानदार खिलाड़ी रहे हैं. उनके पास क्लूजनर और शॉन पोलाक जैसे जोरदार हिटर रहे. एक नजर डालते हैं दक्षिण अफ्रीका के मैच विनर फिनिशर्स पर.

हैंसी क्रोनिए का दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट में खास स्थान है. 90 के दशक में दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट टीम को पुनर्गठित करने वाले महान खिलाड़ी थे हैंसी क्रोनिए. क्रोनिए ने ही टीम की अपराजित की छवि बनाई. दुर्भाग्य से क्रोनिए के नेतृत्व में टीम विश्व कप नहीं जीत पाई. लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं है कि क्रोनिए कप्तानी के साथ साथ दक्षिण अफ्रीकी टीम में मध्यक्रम की रीढ़ माने जाते थे. वे एक शानदार फील्डर भी थे. क्रोनिए ने 1992-2000 के बीच दक्षिण अफ्रीका के लिए 188वन डे मैच खेले. दायें हाथ के इस बल्लेबाज ने 96मैचों में पांचवें या छठे नंबर पर बल्लेबाजी की. क्रोनिए पेस और स्पिन दोनों तरह की गेंदबाजी को खेलने में निपुण माने जाते थे. इन 96 मैचों में क्रोनिए ने 41.32 की औसत से 2686 रन बनाए. उनका स्ट्राइक रेट 81.09 का रहा. क्रोनिए ने इस पोजिशन पर खेलते हुए 18 अर्धशतक लगाये. लेकिन वे कभी शतक नहीं बना पाए. 

जोंटी रोड्स  को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फील्डर्स में गिना जाता है. कई मैच तो उन्होंने सिर्फ फील्डर के रूप में खेले. साथ ही जोंटी रोड्स को शानदार मैच फिनिशर भी माना जाता है. दायें हाथ के इस बल्लेबाज ने 11साल के अपने करियर में 245 वन डे खेले. उन्होंने 175मैचों में पांचवें या छठे नंबर पर बल्लेबाजी की. वह बहुत जल्दी स्ट्राइक रोटेट किया करते थे. अपने पूरे करियर में जोंटी ने मैच के अंत में शानदार स्ट्रोक प्ले दिखाया. दूसरे खिलाड़ियों की तरह वह भी स्पिन गेंदबाजी के शानदार खिलाड़ी थे. वह दुनिया के श्रेष्ठ स्पिनरों को आराम से खेलते थे. इस पोजिशन पर खेलते हुए जोंटी रोड्स ने 36.87 की औसत से सबसे अधिक 4462 रन बनाए. उनका स्ट्राइक रेट 82.47 का रहा. उन्होंने दो शतक और 27 अर्धशतक लगाए.

बायें हाथ के बल्लेबाज जेपी डुमिनी ने 2004 में दक्षिण अफ्रीका के लिए डेब्यू किया था. लेकिन वर्ल्ड क्रिकेट में उनकी पहचान बनी 2008 में आस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार पारी से. तब से वे लगातार दक्षिण अफ्रीका की वन डे टीम के सदस्य बने हुए हैं. डुमिनी ने अब तक 179 वन डे खेले हैं. इनमें से 122 मैचों में उन्होंने पांचवें या छठे नंबर पर बल्लेबाजी की. वे दक्षिण अफ्रीका के सबसे बेहतरीन स्ट्रोक प्लेयर्स हैं. वह मैदान पर हर तरफ शॉट खेल सकते हैं. वह बड़े शॉट्स लगाने के लिए भी जाने जाते हैं. इस पोजिशन पर वह दक्षिण अफ्रीका के दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं. उन्होंने 35.78 की औसत से 2970 रन बनाए हैं. उन्होंने एक शतक और16 अर्धशतक भी लगाए हैं

आधुनिक क्रिकेट में डेविड मिलर को सबसे आक्रामक बल्लेबाज माना जाता है. संयोग से मिलर भी पांचवें या छठे नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं. वे केवल अपने दम पर किसी भी मैच का पांस पलट सकते हैं. बायें हाथ का यह बल्लेबाज किसी भी तेज गेंदबाज की धज्जियां उधेड़ सकता है. 2010 के बाद से वह लगातार टीम में बने हुए हैं. अब तक वे 100 वन डे मैच खेल चुके हैं. और इनमें से 85 मैचों में उन्होंने पांचवें या छठे नंबर पर बल्लेबाजी की है. इस पोजिशन में सबसे अधिक रन बनाने वालों में मिलर पांचवें नंबर पर हैं. उन्होंने 2146 रन बनाए हैं. उनका स्ट्राइक रेट 103.63 है. और उनका औसत 40 से ऊपर है. जो यह दिखाता है कि वह कितने आक्रामक बल्लेबाज हैं. 

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व विकेट कीपर बल्लेबाज मार्क बाउचर को बेहतरीन विकेट कीपर माना जाता है. लेकिन इसके साथ ही वह वन डे के सबसे शानदार फिनिशर भी रहे हैं. बाउचर ने दक्षिण अफ्रीका के लिए 295 वन डे मैच खेले. इनमें से 139 मैचों में उन्होंनें पांचवें या छठे नंबर पर बल्लेबाजी की. बाउचर बेशक गेंद के बड़े हिटर नहीं रहे, लेकिन टीम को कठिन परिस्थितियों से निकालने में उन्हें महारथ हासिल थी. खास तौर पर रनों का पीछा करते हुए. जब भी टीम को छक्के की जरूरत हुई तो बाउचर ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया. वे स्ट्राइक रोटेट करने में भी शानदार थे. एक फिनिशर के रूप में उनकी शानदार पारी जोहान्सबर्ग में, 206 में देखने को मिली जब दक्षिण अफ्रीका ने 434 के लक्ष्य का पीछा करके आस्ट्रेलिया को मात दी. इस मैच में बाउचर ने 43गेंदों पर नाबाद 50 रनों की पारी खेली थी. बाउचर ने 139 मैचों में 30.25 की औसत से 2844 रन बनाए औरउनका स्ट्राइक रेट 84.11 का रहा. 

 
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